जीवन बीमा खरीदने से पहले अपने एजेंट से पूछें यह 9 सवाल

जीवन बीमा खरीदने से पहले अपने एजेंट से पूछें यह 9 सवाल

बीमा एक कानूनी अनुबंध है जिसमें दो पार्टियां (बीमा कंपनी और बीमा करवाने वाला व्यक्ति) आपसी सहमति में आती हैं। बीमा कॉन्ट्रैक्ट में बीमा कंपनी किसी व्यक्ति विशेष के जीवन के लिए सुरक्षा प्रदान करती है। जिसमें कोई दुर्घटना होने पर व्यक्ति विशेष को मुआवजा दिया जाता है या मृत्यु होने की स्थिति में परिवार को मुआवजा दिया जाता है। इसके बदले व्यक्ति विशेष बीमा कंपनी को हर साल कुछ राशि प्रीमियम के रूप में देता है। आज हम जीवन बीमा खरीदने से पहले अपने बीमा एजेंट से कौन से सवाल पूछने चाहिए पर चर्चा करेंगे।

अन्य कानूनी दस्तावेजों की तरह इसमें भी मौखिक प्रतिबद्धताओं का कोई मूल्य नहीं है क्लेम देते वक्त कंपनी सिर्फ बीमा दस्तावेजों में लिखे नियमों की ही पालना करती है।

इसलिए, इस तरह के अनुबंधों पर हस्ताक्षर करते समय, किसी को इसके प्रत्येक पहलू से अवगत होना चाहिए जैसे कि एक्सक्लूजन (exclusions – जो दुर्घटनाएं बीमा कवर नहीं करता), डिडक्टिबल (deductibles – जिसमें क्लेम की कुछ राशि व्यक्ति को खुद भरनी पड़ती है), समर्पण मूल्य (जब पॉलिसी बीच में ही छोड़ देते हैं), नकद मूल्य आदि।

आम तौर पर, यह आपके बीमा मध्यस्थ या एजेंट का कर्तव्य होता है कि वह आपको इन सब बातों को सरल भाषा में समझाएं। प्रत्येक बीमा एजेंट बीमा बिक्री प्रक्रिया का पालन करता है। लेकिन कुछ बीमा एजेंट ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगों को झूठे वादे कर देते हैं और उन्हें गलत पॉलिसी बेच देते हैं।

तो यहां हम 9 सवालों के साथ आए हैं जिनको आपको जीवन बीमा खरीदने से पहले अपने इंश्योरेंस एजेंट से पूछना चाहिए। इन प्रश्नों की मदद से आप एक ऐसी पॉलिसी खरीद पाओगे जो जरूरत पड़ने पर आपके काम आएगी।

जीवन बीमा में हमें बहुत लंबा निवेश करना पड़ता है और हर साल प्रीमियम भरना पड़ता है। इसलिए जीवन बीमा खरीदने से पहले हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम एक ऐसी पॉलिसी खरीद रहे हैं जो मुसीबत के वक्त हमारे काम आएगी।

बीमा पॉलिसी के शब्द आम आदमी समझने में असमर्थ होता है। ज्यादातर लोग जीवन बीमा एजेंट की कही बातों पर ही यकीन करके पॉलिसी खरीद लेते हैं। बिना पढ़े किसी जीवन बीमा खरीदने से अच्छा है कि आप बीमा पॉलिसी ही ना खरीदे।

बीमा पॉलिसियां ​​पॉलिसी अवधि, बहिष्करण, कवरेज इत्यादि जैसे कुछ नियमों और शर्तों के अधीन होती हैं। इसलिए बीमा उत्पाद चुनने से पहल किसी को बीमा पॉलिसी शब्दों से अवगत होना चाहिए।

यहां पर बीमा एजेंट की यही जिम्मेदारी होती है कि वह बीमा करवाने वाले को अच्छी तरह से समझाएं कि उसकी पॉलिसी किन दुर्घटनाओं में मुआवजा देती है और किन में नहीं।

बिना पढ़े किसी पॉलिसी को खरीदने से अच्छा है कि आप बीमा पॉलिसी ही ना खरीदे।

जैसे आप घर खरीदते वक्त हर एक पहलू की जांच खुद करते हैं। अपने प्रॉपर्टी एजेंट की बातों पर यकीन नहीं करते हैं उसी तरह बीमा एजेंट की बातों पर यकीन ना करें। जीवन बीमा खरीदने से पहले उससे पॉलिसी ब्रोचर मांगे और खुद पॉलिसी को अच्छी तरह पढ़ें। जहां पर आपको समझ नहीं आता है वहां पर अपने एजेंट की सहायता ले।

इसके अतिरिक्त अपने बीमा एजेंट को नीचे दिए गए प्रश्न पूछें ताकि आप यह सुनिश्चित कर सकें कि आप ऐसी पॉलिसी खरीदने जा रहे हैं जो आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना आपकी बीमा आवश्यकताओं को पूरा करेगी।

जीवन बीमा खरीदने से पहले एजेंट से पूछें यह सवाल

जीवन बीमा खरीदने से पहले अपने एजेंट से पूछें

बीमा एजेंट को उसका आईडी कार्ड दिखाने के लिए कहे

जीवन बीमा खरीदने वक्त सबसे पहले एजेंट का आईडी कार्ड देखे। मुझे पता है आप ऐसा करने से हिचकिचाआएंगे कि कहीं आपका एजेंट बुरा ना मान ले (क्योंकि ज्यादातर इंश्योरेंस एजेंट हमारे अपने दोस्तों में या रिश्तेदारों में से होते हैं) लेकिन यकीन मानिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम यही है।

अगर आपके इंश्योरेंस एजेंट के पास कंपनी द्वारा दिया गया रजिस्ट्रेशन कार्ड है तो इसका मतलब है कि आपका इंश्योरेंस एजेंट इस काबिल है कि वह आपकी बीमा जरूरतों को समझे।

भारत में बीमा एजेंट बनने के लिए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) का इम्तिहान पास करना पड़ता है। कोई बीमा कंपनी इस इम्तिहान को पास किए बिना किसी किसी एजेंट को एजेंट आईडी कार्ड नहीं दे सकती।

इस इम्तिहान में बीमा एजेंटों को यह ट्रेनिंग दी जाती है कि वह ग्राहकों की जरूरत को पहचान कर उसके अनुसार उनको बीमा पॉलिसी बेचे। अगर आपके बीमा एजेंट के पास बीमा कंपनी द्वारा दिया गया आईडी कार्ड नहीं है तो इसका मतलब है कि आपका एजेंट इस योग्य नहीं है कि वह आपको आपकी जरूरत के हिसाब से जीवन बीमा खरीदने का सुझाव दें।

क्या मुझे जीवन बीमा पॉलिसी चाहिए?

जीवन बीमा पॉलिसियों को बीमित व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए तैयार किया गया है (कुछ पॉलिसिया स्थाई विकलांगता होने पर भी पैसा देती है)। इसलिए, जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले अपने आपसे और अपने बीमा एजेंट से पूछें “क्या मुझे जीवन बीमा कवर चाहिए?”

बस, यदि किसी व्यक्ति का परिवार जैसे कि माता-पिता, पति/पत्नी और बच्चों उस पर निर्भर है और परिवार उसके बिना जीवित नहीं रह सकता तो उसको निश्चित रूप से एक जीवन बीमा कवर की जरूरत है।

दूसरी तरफ, यदि आप एक नौजवान हैं और कोई भी आपके ऊपर निर्भर नहीं है और आपके माता-पिता के पास पेंशन जैसी आमदनी का नियमित स्रोत है तो बीमा पॉलिसी खरीदना आपके लिए अच्छा निर्णय नहीं होगा; उस स्थिति में आपको एसआईपी, स्टॉक मार्केट, बॉन्ड जैसे निवेश विकल्पों के बारे में सोचना चाहिए।

यदि आप एक परिवार शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो आप जीवन बीमा पॉलिसी खरीद सकते हैं।

जीवन बीमा पॉलिसी कितने प्रकार की होती है?

यह प्रश्न आपको टर्म लाइफ इंश्योरेंस और होल लाइफ इंश्योरेंस के बीच अंतर को समझने में मदद कर सकता है। टर्म लाइफ इंश्योरेंस, जिसे शुद्ध जीवन बीमा भी कहा जाता है, केवल मृत्यु लाभ प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। जिसका अर्थ है कि पॉलिसीधारक के दुर्घटना से बचने पर बीमा कंपनी की तरफ से कोई भी आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी।

दूसरी ओर संपूर्ण जीवन बीमा पॉलिसियों को मृत्यु लाभ के साथ उत्तरजीविता लाभ देने के लिए तैयार किया गया है। यह उल्लेखनीय है कि टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी होल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के मुकाबले काफी सस्ती होती हैं।

बीमा कारोबार में कंपनी कितनी देर से है और क्या यह पंजीकृत है?

यह एक बुनियादी और छोड़ने योग्य प्रश्न है, केवल तभी यदि आप पहले ही कंपनी के बारे में जानते हैं। लेकिन यह आपको हौसला दे सकता है कि आप एक वास्तविक कंपनी से जीवन बीमा खरीदने जा रहे हैं। आप जीवन बीमा कंपनियों की सूची आइ.आर.डी.ए.आइ. की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।

निगरानी रखने वाली अथॉरिटी जैसे कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई), जिसके अधीन भारत में बीमा कंपनियां काम करती है, जो बीमा मिससेलिंग और धोखाधड़ी को रोकने के लिए सभी बीमा कंपनियों की गतिविधियों को लगातार ट्रैक करती हैं।

आईआरडीएआई किसी बीमा कंपनी के पंजीकरण को रद कर सकती है यदि बीमा कंपनी बीमा बेचते वक्त ग्राहक से कुछ बातें छुपाती है तो। इसलिए जीवन बीमा खरीदने से पहले अपनी बीमा कंपनी के पंजीकरण की जांच करें।

मुझे कितना जीवन बीमा कवर लेना चाहिए?

आम तौर पर, बीमा एजेंट आपको उस कवर के बारे में बताता है जो आपको लेना चाहिए। यह माना जाता है कि बीमा एजेंट आपको कवरेज के बारे में सही सलाह देते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है लेकिन मेरी सलाह में जीवन बीमा खरीदने से पहले आपको भी विचार करना चाहिए कि आपके लिए कितना कवर सही रहेगा।

आखिरकार, यह आपके और आपके पैसे के बारे में है।

बीमा बाजार से कई विशेषज्ञ आपकी आय के 10-20 गुना के बीच बीमा कवर खरीदने का सुझाव देते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आप की वार्षिक आय 1 लाख है तो आपको 10 से 20 लाख के बीच का बीमा कवर लेना चाहिए।

लेकिन हम कोई वित्तीय परिस्थितियों और बीमा आवश्यकताओं के आधार पर बीमा कवर को बढ़ा या घटा सकते है।

पढ़े: आयुष्मान भारत योजना के लाभ, महत्व, योग्यता – राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा

मेरी जीवन बीमा पॉलिसी क्या कवर करती है और क्या नहीं?

किसी भी बीमा में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होता है। जीवन बीमा खरीदने के दौरान शांति से हर सवाल अपने बीमा एजेंट से पूछे। अपने एजेंट से उन घटनाओं को समझाने के लिए कहें जिन्हें आपकी पॉलिसी कवर करती है। आपकी पॉलिसी में विभिन्न एक्सक्लूजन (जो इवेंट पॉलिसी कवर नहीं करती) कौन-कौन से हैं।

यदि आपका बीमा एजेंट यह कहकर इनकार कर रहा है कि उसे जल्दी है और उसे अन्य ग्राहकों के पास जाना है तो उसे जाने दो लेकिन यह बातें जाने बिना बीमा पॉलिसी न खरीदें। आप अपने अनुबंध की विभिन्न शर्तों को पढ़ने के लिए उससे पॉलिसी ब्रोचर ले सकते हैं।

नोट: पॉलिसी ब्रोचर को खुद पढ़े बिना बीमा ना खरीदें। अगर एजेंट कोई बहाना बनाता है कि ब्रोचर खत्म हो चुके हैं या उसके पास अभी नहीं है तो उसे साफ कहें कि जीवन बीमा खरीदने से पहले में पॉलिसी खुद पढ़ना चाहता हूं और फिर ही तय करूंगा कि यह पॉलिसी मुझे लेनी चाहिए या नहीं।

एक बार जीवन बीमा करवाने के बाद आप हर साल उसका प्रीमियम भरोगे। अपनी जिंदगी में आप लाखों रुपए तक प्रीमियर देते हो। इसीलिए ऐसा जीवन बीमा खरीदने से पहले पॉलिसी वॉर्डिंग पढ़ना बहुत जरूरी हो जाता है।

यह बीमा पॉलिसी मेरे लिए क्यों अच्छी है?

जीवन बीमा में बहुत सारे प्लान होते हैं और एक इंश्योरेंस एजेंट हर ग्राहक की जरूरत के हिसाब से उसको पॉलिसी का सुझाव देता है। जब आपका इंश्योरेंस एजेंट आपको कोई पॉलिसी के लिए सुझाव दें तो उससे पूछे की जीवन बीमा में बहुत सारे प्लान होते हैं तो आपने उन प्लान में से मेरे लिए यह प्लान ही क्यों चुना है और मेरे लिए यह जीवन बीमा खरीदना सही क्यों है।

क्या प्रीमियम बढ़ाया या घटाया जा सकता है?

आर्थिक स्थितियां समय-समय पर बदलती हैं। इस अनिश्चित युग में, हम अमीर से गरीब या इसके विपरीत हो सकते हैं। इसलिए, यदि आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी आपको अपनी प्रीमियम दरों को बदलने की अनुमति देती है तो यह आपके लिए बेहतर होगा।

असल में, आप पॉलिसी कार्यकाल में एक निश्चित प्रीमियम का भुगतान करते हैं लेकिन कुछ बीमाकर्ता ग्राहकों को आर्थिक कठिनाइयों में प्रीमियम दरों को बदलने की अनुमति देती हैं।

हालांकि, यह एक महत्वपूर्ण कारक नहीं है कि जीवन बीमा पॉलिसी में यह सुविधा होनी चाहिए। लेकिन यह आपकी पॉलिसी में एक अतिरिक्त विशेषाधिकार जोड़ती है।

अगर मैं प्रीमियम का भुगतान करने में असमर्थ हूं तो क्या होगा?

कुछ अप्रत्याशित व्यय आपको समय पर अपने प्रीमियम का भुगतान करने में बाधा डाल सकते हैं, इसलिए ऐसी स्थितियों में आपको पता होना चाहिए कि आपकी पॉलिसी के साथ क्या होगा और आपको परिणामों के बारे में पता होना चाहिए।

इसलिए, जीवन बीमा खरीदने से पहले अपने एजेंट से यह बताने के लिए कहें कि ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होने पर आप क्या कर सकते हैं।

आम तौर पर, अनुग्रह अवधि के बाद आपकी पॉलिसी समाप्त हो जाती है। इसे पुनर्जीवित करने के लिए आपको कुछ जुर्माने का भुगतान करना पड़ता है और यह आपके कवरेज को भी प्रभावित कर सकता है।

क्या मुझे कवरेज बढ़ाने के लिए राइडर जोड़ना चाहिए?

जीवन बीमा पॉलिसी हर तरह के जोखिम में आपको सुरक्षा प्रदान नहीं करती। लेकिन यह आपको कुछ अतिरिक्त पैसे देकर अतिरिक्त जोखिम में सुरक्षा लेने देती है। ऐसे लाभों को हम बीमा की भाषा में राइडर्स कहते हैं। पॉलिसीधारक अतिरिक्त लाभ और कवरेज प्राप्त करने के लिए अपने जीवन बीमा पॉलिसियों में राइडर जोड़ते हैं।

आप अपनी पॉलिसी में राइडर्स को एक ऐसी घटना को कवर करने के लिए जोड़ सकते हैं जो आपकी जीवन बीमा पॉलिसी अकेले कवर नहीं करती हो।

राइडर्स सस्ते हैं और लागत से अधिक लाभ देते हैं इसलिए जीवन बीमा खरीदने से पहले अपने एजेंट से यह बताने के लिए कहें कि आपको उनकी आवश्यकता है या नहीं।

अगर मैं आज या बाद में जीवन बीमा खरीदता हूं तो क्या कोई छूट है?

बीमा हर किसी की तत्काल आवश्यकता है; इसलिए इसमें बाद में कभी भी ना जोड़ें। हालांकि, छूट शब्द हर किसी को आकर्षित करता है। जीवन बीमा खरीदने से पहले आप अपने एजेंट से पूछ सकते हैं की अगर आप इसे आज खरीदते हैं तो क्या आपको किसी तरह का डिस्काउंट मिल सकता है।

यदि ग्राहक खरीद में रूचि दिखाते हैं लेकिन छूट मांगते हैं तो ज्यादातर एजेंट पहले प्रीमियम में छूट दे देते हैं। अधिक छूट पाने के लिए आप इंटरनेट पर भी जांच कर सकते हैं क्योंकि लोगों को ई-शॉपिंग के माध्यम से भारी छूट मिलती है।

ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदने से आपको भारी डिस्काउंट मिल सकता है। आपके इंश्योरेंस एजेंट के हाथ में भी होता है कि वह आपको 10 से 20 परसेंट तक का डिस्काउंट दिलवा दे।

अगर आप छूट के लिए नहीं पूछेंगे तो कोई भी आपको छूट नहीं देगा।

नोट: छूट केवल पहले प्रीमियम पर लागू होती है।

आपको कितना कमीशन मिलेगा?

आईआरडीएआई के नियमों के तहत अगर कोई ग्राहक एजेंट से उसकी कमिशन की परसेंटेज के बारे में पूछता है तो बीमा एजेंट को उसे बताना होगा कि उसको असल में कितना कमीशन मिलेगा।

ज्यादा जानकारी के लिए यह पोस्ट भी पढ़े जीवन बीमा लेते समय इन 10 बातों का जरूर ध्यान रखें।

ऊपर दिए गए प्रश्नों को पूछ कर कोई भी अपने लिए एक बेहतरीन जीवन बीमा खरीद सकता है। अगर आप ऐसा नहीं करते तो आप एक ऐसी पॉलिसी खरीद सकते हो जो जरूरत पड़ने पर आपके काम ही ना आए।

बीमा एक निवेश का माध्यम नहीं है यह अपने और अपने परिवार को आने वाली विपक्षिविपत्तियों से बचाने का एक आसान तरीका है। निवेश करके लाभ कमाने के लिए अन्य तरीके होते जैसे कि म्यूचल फंड, एसआईपी, स्टॉक मार्केट आदि।

“जीवन बीमा खरीदने से पहले अपने एजेंट से पूछें यह 9 सवाल” के लिए प्रतिक्रिया 2

  1. जीवन बीमा पॉलिसी लेने वाले व्यक्ति को अचानक पैरालिसिस हो जाता है या ऐसी कोई बिमारी हो गई है जिसके कारण उसका कमाना बंद हो गया है ओर वह जीवन बीमा पॉलिसी की किश्त चुकाने में असमर्थ है पोलिसी का क्या होगा।

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