पेट गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय

अगर आप पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय ढूंढ रहे हैं तो यहां आपको एक ऐसा उपाय बताया जाएगा जिसको आपको मात्र 1 महीने तक करना है। अगर आपको इससे लाभ हो तो आपको इसे जारी रखना है जब तक आपकी पेड़ के जड़ से खत्म नहीं हो जाती है।

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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान पीन पेट में गैस बनने के कारण है। पेट गैस की वजह से तनाव, चिड़चिड़ापन और काम में मन ना लगना जैसी परेशानियां देखने को मिलती है।

एसिडिटी या पेट गैस से जल्द छुटकारा पाने के लिए सबसे आसान तरीका होता है अजवाइन को एक गिलास पानी में उबालकर और उसके बाद जब एक गिलास पानी एक कप जितना रह जाए तो उसे जांच कर पी लेना।

लेकिन अगर कोई लंबे समय तक पेट गैस से ग्रसित रहता है तो इसका मतलब है कि उसकी पेट गैस उसकी दिनचर्या और गलत जीवन प्रणाली के कारण है।

ऐसे लोगों को अगर इस बीमारी से निजात पानी होती है तो उनके पास एकमात्र उपाय यह होता है कि वह अपनी जीवन शैली में बदलाव करें और गलत खान पीन और गलत आदतों से दूर रहें।

अजवाइन को उबालकर पीने का नुस्खा उनके लिए कारगर है जिन्हें कभी-कभी गैस की दिक्कत रहती है। अगर आप पेट में गैस बनने की दिक्कत से लंबे समय तक ग्रसित हैं तो आपको नीचे दिए गए उपाय को लगातार एक महीने तक करके देखना है।

उसके बाद अगर आपको लाभ मिले तो इसको जारी रखना है जब तक आप इस बीमारी से संपूर्ण तौर पर निजात नहीं पा लेते है।

पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय

आयुर्वेद की क्षीर पाक विधि आपको पेट गैस और कब्ज जैसी बीमारी से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाएगी। इस विधि में जड़ी बूटियों को दूध में हल्की आंच पर उबाला जाता है जिससे कि वह एक अच्छी और फायदेमंद दवाई में तब्दील हो जाती है और बड़ी से बड़ी बीमारी को दूर कर देती है।

तो चलिए जानते हैं कि आपको इस क्षीर पाक विधि में किस जड़ी-बूटी को मिलाकर दवाई तैयार करनी है।
सबसे पहले आपको एक मुलेठी का टुकड़ा बीच में से आधा काट लेना है। उसके बाद आपको 30 मिलीलीटर दूध लेना है और उसमें आपको 100 मिलीलीटर पानी डालना है।

30 मिलीलीटर दूध और 100 मिलीलीटर पानी को एक पतीले में भरकर उसमें आपको काटी गई मुलेठी की टुकड़ी को डाल देना।

अभी आपको इसको हल्की आंच पर गैस पर रख देना है। ध्यान रखें यहां पर सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप हल्की आंच पर गैस जलाए ना कि ज्यादा आंच पर इससे दवाई अच्छी नहीं बनेगी।

आपको इस मिश्रण को तब तक बोलते रहना है जब तक की फिर से 30 मिलीलीटर दूध ना बच जाए। कहने का मतलब यह है कि डाला गया 100 मिलीलीटर पानी जब तक उसमें से खत्म नहीं हो जाता है और 30 मिलीलीटर मिश्रण बच जाता है तब तक आपको इस मिश्रण को उबलते रहना है कम आंच पर।

इस विधि में लगभग 15 से 20 मिनट लगते।

इस मिश्रण को आपको रात को सोने के समय तैयार करना है और सोने के समय इसको चाय की तरह चुस्कियां लेकर पीना है।

ध्यान रखें इसको पीने के बाद आपको कुछ भी नहीं खाना है सीधा सोने जाना है।

यह एक रखा हुआ आयुर्वेदिक नुस्खा है जिसके की किसी भी तरह के साइड इफेक्ट नहीं है। अगर आप सही में लंबे समय तक पेट गैस से ग्रसित हैं तो इस नुस्खे को 1 महीने के लिए जरूर अपनाएं और उसके बाद आप पाएंगे कि आप पेट गैस से मुक्त हो चुके हैं।

जब आप सुबह उठे तो आप एक बड़ा गिलास पानी का गर्म करके पिए इससे पेट गैस पूरा दिन नहीं बनेगी और आप पूरा दिन तंदुरुस्त महसूस करेंगे।

इसके साथ आपको यह काम बिल्कुल नहीं करने हैं

सुबह उठकर खाली पेट आपको चाय कभी नहीं पीनी है। अगर आप चाय की शौकीन हैं तो आप दोपहर को चाय पिए खाली पेट चाय बिल्कुल नहीं पीनी है।