शेयर ब्रोकर कैसे चुनें? ना करें यह गलतियां

शेयर ब्रोकर कैसे चुनें? ना करें यह गलतियां

आज के समय में भारत में बहुत ज्यादा स्टॉक ब्रोकर मौजूद है ऐसी स्थिति में एक नए निवेशक के लिए यह बहुत मुश्किल हो जाता है कि कौन से स्टॉप ब्रोकर के साथ डिमैट अकाउंट खोलें। तो आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे कि हम किस तरह एक अच्छा शेयर ब्रोकर अपने लिए चुन सकते हैं जो कि हमें अच्छी सेवाएं प्रदान करें कम कीमत पर।

एक सही शेयर ब्रोकर के माध्यम से ही हर एक निवेशक शेयर मार्केट जैसे बड़े बाजार में लंबे समय तक बना रह सकता है। अगर आपके द्वारा चुना गया स्टॉक ब्रोकर अच्छी सेवाएं प्रदान नहीं करता है तो वह आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि शेयर ब्रोकर चुनने की प्रक्रिया क्या होती है। ट्रेडिंग अकाउंट और डिमैट अकाउंट खुलवाने के बाद निवेशक सोचता है कि उसने शेयर मार्केट के लक्ष्य को पूरा कर लिया है। वह इस गलतफहमी में रहता है कि शेयर को खरीद लेना और बेच लेना ही काफी होता है। यह काम आसान होता है, पर अगर यह काम आसान होता तो हर कोई कर लेता इसको आसान बनाने के लिए आपको एक अच्छे ब्रोकर की आवश्यकता पड़ती है जो आपका शेयर खरीदने और बेचने का अनुभव अच्छा बना सके।

अगर शेयर ब्रोकर आपको एक अच्छा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, उन्नत ट्रेडिंग इंडिकेटर और टूल्स के साथ प्रदान करता है तो आप अच्छी और मुनाफे की ट्रेड बना सकते हैं और शेयर मार्केट में मुनाफा कमाने में कामयाब हो सकते हैं।

शेयर ब्रोकर

अच्छा शेयर ब्रोकर कैसे चुनें?

दुनिया के अमीर इंसानो में से एक Warren Buffett अक्सर यह कहते हैं कि शेयर ब्रोकर आपका सगा नहीं है क्योंकि वह डॉक्टर की तरह ही इलाज करने के पैसे लेता है। जैसे एक मरीज एक अच्छे डॉक्टर के पास ना जाने की वजह से नुकसान का सामना करता है इसी तरह ही शेयर मार्केट में निवेशक अगर अच्छे ब्रोकर के पास नहीं जाता है तो उसे भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

अगर निवेशक ब्रोकर की जानकारी को लेकर गंभीर नहीं है और वह यह सोचता है की ब्रोकर के द्वारा की गई खरीदारी और शेयरों को बेचना (कुछ शेयर ब्रोकर इन्वेस्टमेंट टिप प्रदान करते हैं) निवेशक के लिए ठीक है तो यह उसकी गलतफहमी है क्योंकि शेयर मार्केट की दुनिया में हर कोई सबसे पहले अपना मुनाफा देखता है। फिर दूसरे का और इसलिए पैसा कमाने के लिए दूसरों का सहारा लेना ना ही पड़े तो निवेशक के लिए अच्छा होगा।

इसके लिए आपको शेयर मार्केट के बारे में अच्छी जानकारी होना भी लाजमी है ताकि कोई भी शेयर ब्रोकर आपको बेवकूफ ना बना सके।

सबसे अच्छा शेयर ब्रोकर चुनते वक्त इन बातों का खासतौर पर ध्यान रखें:

ब्रोकर का ट्रैक रिकॉर्ड देखें

  • किसी भी ब्रोकर को चुनने से पहले उसके इतिहास के बारे में जान लेना निवेशक के लिए जरूरी होगा।
  • निवेशक को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उस ब्रोकर या ब्रोकर फर्म ने दूसरे निवेशकों को कितना फायदा और कितनी हानि पहुंचाई है।निवेशक को ब्रोकर की अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लेनी चाहिए।
  • ब्रोकरेज चार्जेस के बारे में अच्छी तरह जान लेना चाहिए।
  • कस्टमर रिव्यू आपको एक अच्छा स्टॉक ब्रोकर करने में मदद करते हैं। पर रिव्यू किसी अच्छी वेबसाइट से ही पड़े क्योंकि आजकल शेयर ब्रोकर दूसरे ब्रोकर को बदनाम करने के लिए झूठे रिव्यू बनाते हैं।
  • यह जरूर जान ले कि स्टॉक ब्रोकर की ग्राहक सेवा किस तरह की है। क्या उसके पास ग्राहकों की मुश्किलों को हल करने के लिए पर्याप्त कस्टमर सपोर्ट टीम है या नहीं।

आपकी सुविधा के लिए मैं नीचे भारत के मुख्य तीन डिस्काउंट स्टॉक ब्रोकर की सूची से रहा हूं। आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके इनमें से किसी से भी अपना डिमैट अकाउंट खोल सकते हैं। यह भारत के मशहूर शेयर ब्रोकर हैं जो कि अत्याधुनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और इंडिकेटर प्रदान करते हैं इसके साथ कम से कम ब्रोकरेज चार्जेस लेते हैं:

ब्रोकर द्वारा ली जाने वाली ब्रोकरेज की जानकारी

निवेशक को इस बात की जानकारी भी होनी चाहिए कि उसने जिस ब्रोकर को चुना है वह कितनी ब्रोकरेज लेता है। क्योंकि अपने लिए एक ज्यादा ब्रोकरेज चार्जेस वाला ब्रोकर चुनना और कम फीस (क्योंकि कम कीमत वाला ब्रोकर आपको अच्छी सेवाएं प्रदान करने में असमर्थ होगा) वाला ब्रोकर चुनना भी समझदारी की बात नहीं है। निवेशक को अपने लिए एक मध्यम वर्ग का ब्रोकर और जिसको अच्छी जानकारी हो उसी को चुनना ही बेहतर होगा।

कस्टमर केयर सेवा

कस्टमर केयर सर्विस निवेशक को एक अच्छे ब्रोकर के द्वारा ही दी जाती है। कुछ बार किसी टेक्निकल इश्यू के कारण आपको कस्टमर टीम से बात करनी पड़ती है अगर कस्टमर सपोर्ट टीम उपलब्ध ना हो तो आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है।

डिस्काउंट ब्रोकर पर सोच समझ कर दांव लगाना

निवेशक को ऐसे ब्रोकर का चुनाव करना चाहिए जो कि उसके कहे पर ही शेयरों को खरीदे और बेचे। जब एक ब्रोकर आपकी जरूरत और व्यक्तिगत और धन संबंधी इच्छाओं की परवाह किए बिना ही ट्रेड करता है। ब्रोकर की शिकायत के लिए सर्विस विभाग के अतिरिक्त सेबी का प्लेटफार्म मौजूद होना चाहिए।

कुछ बार यह पाया गया है कि कुछ स्टॉक ब्रोकर ग्राहक द्वारा दी गई पावर ऑफ अटॉर्नी का गलत इस्तेमाल करते हैं। इसीलिए यह सुनिश्चित करें कि आपका स्टॉक ब्रोकर आपका स्टॉक ब्रोकर अच्छा हो आपको नुकसान तब होता है।

सेवा की गुणवत्ता

एक ब्रोकर के द्वारा दी जाने वाली सेवा का प्रतिशत अच्छा होना चाहिए और निवेशक को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि ब्रोकर उसको कैसी सुविधाएं और कौन-कौन सी फैसिलिटी दे रहा है। यह सुविधाएं और फैसिलिटी निवेशक के लिए लाभकारी होनी चाहिए। क्योंकि कुछ ब्रोकर इक्विटी ब्रोकिंग सेवा के साथ-साथ कई प्रकार की सेवाएं देते हैं।

डिमैट अकाउंट खाता शुल्क ध्यान में रखें

हर एक निवेशक को रजिस्टर्ड डिमैट अकाउंट खोलने के लिए ब्रोकर को कुछ पैसे देने पड़ते हैं। डिमैट अकाउंट खाता शुल्क अलग-अलग ब्रोकर खुद तय करते हैं। पर शेयर मार्केट में कुछ ऐसे ब्रोकर भी मौजूद हैं जो बिना फीस लिए भी खाता खोल देते हैं।

इसके इलावा डीमैट अकाउंट शुल्क भी होता है उसको भी ध्यान में रखें।

अन्य घुमावदार जुर्माना या हिडन शुल्क

कुछ ब्रोकरों के द्वारा निवेशक से ऐसी फीस ली जाती है जिसका संबंध खाता खोलने की प्रक्रिया से दूर-दूर तक नहीं होता है।और इसको ही अन्य घुमावदार जुर्माना और हिडन शुल्क के नाम से जाना जाता है। तो निवेशक को इसके बारे में अच्छी तरह से ब्रोकर के साथ बातचीत कर लेनी चाहिए।

पैसा ट्रांसफर करने की प्रक्रिया

आपको थ्री-इन-वन डीमैट खाते सुविधा अक्सर अच्छे शेयर ब्रोकर जैसे कि ज़ेरोधा या एंजल ब्रोकिंग के शेयर ब्रोकरों के साथ खाता खोलने के द्वारा ही दी जाती है जिससे कि आपको पैसा ट्रांसफर करने की कोई भी चिंता नहीं रहती है।

हमेशा अपना डिमैट अकाउंट ऐसे स्टॉक ब्रोकर के साथ खोलें जिसमें बिना किसी दिक्कत के आप कभी भी पैसे अपने बैंक अकाउंट में वापस ट्रांसफर कर सकें।

ट्रेडिंग प्लेटवफ़ार्म

  • शेयर ब्रोकर का चुनाव करते वक्त ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म उसका एक महत्वपूर्ण क्राइटेरिया माना जाता है। यह ध्यान रखें कि स्टॉक ब्रोकर का ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म निम्नलिखित सेवाएं प्रदान करता हो:
  • एडवांस ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म
  • एडवांस ट्रेडिंग इंडिकेटर्स
  • आसानी से बाय/सेल करने की सुविधा
  • इंट्राडे ट्रेडिंग ब्रोकरेज कम से कम होनी चाहिए
  • शेयर अलर्ट फैसिलिटी
  • कम डीमेट अकाउंट मेंटेनेंस चार्जेस
  • किसी तरह के हिडन चार्जेस ना हो
  • चार्ट रियल टाइम में अपडेट होनी चाहिए
  • प्लेटफार्म अप-टू-डेट होना चाहिए इसमें कभी तकनीकी दिक्कत नहीं आनी चाहिए अगर आए तो कम से कम होनी चाहिए
  • तकनीकी दिक्कत की स्थिति में कस्टमर सुविधा अच्छी होनी चाहिए
  • वर्तमान समय में घट रही जानकारीयां।

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