शेयर मार्केट के फायदे: जाने शेयर बाजार में निवेश करने के फायदे

शेयर मार्केट के फायदे: जाने शेयर बाजार में निवेश करने के फायदे

शेयर मार्केट में निवेश का आपकी इन्वेस्टमेंट प्लान सूची में मौजूद होना बहुत फायदेमंद साबित होता है। शेयर बाजार में निवेश भविष्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जा सकता है। शेयर मार्केट निवेश के लिए अत्यधिक लोकप्रिय साधन है। आज के इस पोस्ट में हम शेयर मार्केट के फायदे जानेंगे।

आपने अनेकों बार देखा होगा कि आपके मित्र, रिश्तेदार या आपके सहयोगी शेयर मार्केट में निवेश द्वारा अच्छे रिटर्न प्राप्त कर चुके हैं। इन्हें देखकर आपके मन में भी शेयर मार्केट में निवेश करने की इच्छा जागृत होती होगी परंतु मुख्यतः दो कारणों से आप शेयर बाजार में निवेश करने से कतराते होंगे।

पहला कारण यह है की शेयर मार्केट में निवेश करना जोखिम पूर्ण प्रतीत होता है। दूसरा कारण यह है कि निवेश करने के लिए अधिक समय प्रदान करना होता है।

शेयर मार्केट में विविधीकरण के उपयोग द्वारा ना केवल जोखिम से बच सकते हैं बल्कि अच्छे रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। शेयर मार्केट में नवीन तकनीकों के प्रयोग द्वारा आप एक ही स्थान जैसे कि जीरोधा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से शेयर मार्केट में निवेश कर सकते हैं, अन्य गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं एवं अनेकों लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

शेयर मार्केट के फायदे

शेयर मार्केट के फायदे

  • अबाधित प्रक्रिया: यहां निवेश वर्तमान समय में एक अबाधित प्रक्रिया है। निवेशक एक ही स्थान से शेयर मार्केट में खरीद-फरोख्त कर सकते हैं तथा सभी गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। सभी स्टॉक एक्सचेंज निवेशकों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के द्वारा ट्रेडिंग करने की सुविधा प्रदान करते हैं। डीमैट अकाउंट निवेशकों को अपने सभी सिक्योरिटी सर्टिफिकेट को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के रूप में संग्रहित करने की सुविधा प्रदान करता है।
  • अल्प अवधि वाले रिटर्न: शेयर मार्केट में उपलब्ध वित्तीय साधन अन्य वित्तीय साधनों (फिक्स्ड डिपॉजिट, रिकरिंग डिपॉजिट, आदि) की अपेक्षाकृत अल्प अवधि में ही रिटर्न प्रदान करते हैं। यदि शेयर मार्केट में अनुशासन, संयम एवं योजना के साथ निवेश किया जाए तो यह निवेशकों के जोखिम को सीमित करता है एवं अच्छे रिटर्न प्रदान करता है।
  • उच्च लिक्विडिटी: उच्च लिक्विडिटी निवेशकों की शेयर मार्केट में खरीद-फरोख्त करने में मदद करती है। शेयर मार्केट में अधिकतर कंपनियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज एवं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के प्लेटफार्म से ही अपने शेयर की ट्रेडिंग करती हैं इसलिए उच्च वॉल्यूम होने के कारण यह निवेशकों को उच्च लिक्विडिटी प्रदान करती हैं।
  • उन्नत अर्थव्यवस्था: शेयर मार्केट में निवेशकों द्वारा उभरती हुई अर्थव्यवस्था का लाभ उठाया जाता है। शेयर मार्केट एवं अर्थव्यवस्था एक दूसरे से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित होते हैं। अर्थव्यवस्था में सुधार के अनुपात में निवेश में वृद्धि होती है और साथ ही निवेशकों को प्राप्त होने वाले रिटर्न में भी वृद्धि देखने को मिलती है।
  • डिविडेंड: डिविडेंड का अर्थ लाभांश होता है। डिविडेंड का अर्थ कंपनी के लाभ का वह भाग होता है जो शेयरधारकों को उनके शेयर की संख्या के अनुपात में दिया जाता है। एक कंपनी के लाभांश को निदेशक मंडल द्वारा सुनिश्चित किया जाता है। कंपनी द्वारा एक रिकॉर्ड डेट भी सुनिश्चित की जाती है तथा उस रिकॉर्ड डेट के समय पंजीकृत शेयरधारकों को ही लाभांश प्रदान किया जाता है। शेयर मार्केट में पूर्व स्थापित कंपनियां जिनके पास निवेश के लिए अतिरिक्त धन होता है वह अपने शेयरधारकों को निरंतर एवं उचित लाभांश प्रदान करती हैं। अनेकों बार कंपनियों द्वारा शेयरधारकों को अतिरिक्त लाभांश भी प्रदान किए जाते हैं।
  • मुद्रास्फीति एवं करों के नकारात्मक प्रभाव को सीमित करना: शेयर मार्केट निवेशकों को दो प्रकार से लाभान्वित करती है; पूंजीगत लाभ के द्वारा एवं लाभांश के द्वारा। पूंजीगत लाभ एवं लाभांश पर लगने वाले कर की दर मासिक आय पर लगने वाले कर की दर से कम होती है। शेयर मार्केट में अनेकों कंपनियों द्वारा अपने शेयरधारकों को एक से अधिक बार डिविडेंड प्रदान किए जाते हैं। पूंजीगत लाभ, लाभांश एवं अतिरिक्त लाभांश के द्वारा ना केवल शेयर धारक को सुखद रिटर्न प्राप्त होते हैं अपितु मुद्रास्फीति एवं करो का नकारात्मक प्रभाव भी कम होता है।
  • लाभ: शेयर मार्केट में निवेश द्वारा प्राप्त होने वाले लाभ अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू है। शेयर मार्केट में वे कंपनियां है जो निरंतर मुनाफा कमा रही होती हैं, ऐसी कंपनियां निवेशकों को अच्छे रिटर्न प्रदान करती हैं।
  • विविधीकरण: शेयर मार्केट में उपलब्ध वित्तीय साधन (शेयर्स, म्यूच्यूअल फंड्स, डेरिवेटिव्स एवं बॉन्डस) निवेशकों को अनेकों विकल्प प्रदान करता है। इन उपलब्ध विकल्पों के चुनाव द्वारा निवेशक न केवल अत्यधिक रिटर्न प्राप्त करते हैं अपितु जोखिम से भी बचे रहते हैं।
  • स्टॉक मार्केट का विनियमन: भारत की सभी स्टॉक एक्सचेंज का विनियमन स्टॉक एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) द्वारा किया जाता है। विनियमन प्रारूप के अंतर्गत निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए सेबी द्वारा स्टॉक मार्केट की निगरानी एवं नियंत्रण किया जाता है।
  • स्वामित्व एवं मतदान का अधिकार: शेयर मार्केट में निवेश के साथ ही निवेशकों को उनके द्वारा खरीदे गए शेयर की संख्या के आधार पर स्वामित्व एवं मतदान का अधिकार प्राप्त होता है। शेयरधारकों के ऐसे अनेकों उदाहरण देखने को मिलेंगे जिनमें उनके द्वारा लिए गए निर्णय कंपनी के लिए हितकारी साबित हुए हैं।
  • निवेश में लचीलापन: शेयर मार्केट में निवेशक अपनी क्षमता के अनुसार निवेश कर सकते हैं। निवेशक किसी भी प्रकार से न्यूनतम एवं अधिकतम निवेश के लिए बाध्य नहीं होते हैं। निवेशक किसी भी प्रकार के स्टॉक (लार्ज कैप, मिड कैप, स्माल कैप) की ट्रेडिंग कर सकते हैं।
  • दीर्घ अवधि वाले रिटर्न: शेयर मार्केट में निवेशक दीर्घावधि वाले रिटर्न प्राप्त करने के उद्देश्य से भी निवेश करते हैं। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए निवेशकों द्वारा शेयर खरीदे जाते हैं एवं एक दीर्घ अंतराल के दौरान उन के दामों में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखते हुए उन शेयर को बेचा जाता है जिनसे उन्हें पूंजीगत लाभ प्राप्त होता है। यह पूंजीगत लाभ ही उनका दीर्घकालिक रिटर्न होता है।
  • वैश्विक निवेशक: शेयर मार्केट सभी निवेशकों को विश्व की उन सभी कंपनियों में निवेश करने का अवसर प्रदान करती है जो कि भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है तथा इसके द्वारा उन्हें सुखद रिटर्न प्रदान करती है।

निष्कर्ष

शेयर मार्केट में उचित कंपनियों में निवेश एवं उचित वित्तीय साधनों के विविधीकरण द्वारा निवेशक उचित लाभ अर्जित कर सकते हैं। शेयर मार्केट में अनुशासन, संयम एवं योजना के साथ किया गया निवेश, निवेशकों के लिए अत्यंत फायदेमंद सिद्ध होता है।

मैं व्यक्तिगत रूप से आपको डिजिटल गोल्ड में निवेश करने के लिए निम्नलिखित प्लेटफार्मों में खाता खोलने की सलाह देता हूं:

ऐसा नहीं है कि बाजार में निवेश करने से फायदा ही हो आप शेयर मार्केट के नुकसान के बारे में जरूर पढ़ें।

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