सही हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी खरीदने के लिए 12 चरणों का करें पालन

सही हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी खरीदने के लिए 12 चरणों का करें पालन

आज की उथल-पुथल भरी दुनिया में, हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी और जीवन बीमा परेशानी मुक्त जीवन जीने के लिए बहुत जरूरी बन गए हैं। ये उपकरण हमें दुर्घटना या बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होने के अप्रत्याशित खर्चों से बचाते हैं और मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहायता देते हैं। कोई अप्रिय घटना घटित होने पर स्वास्थ्य बीमा बीमित और उसके प्रियजनों की प्रतिपूर्ति करता है।

इसलिए मेडिक्लेम पॉलिसी एक बेहतरीन विकल्प है जब कोई अपने प्रियजनों को अप्रत्याशित चिकित्सा संबंधित घटनाओं के खिलाफ सुरक्षित करना चाहते हैं। आम तौर पर हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी दुर्घटना या बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल में किए गए चिकित्सा खर्च को शामिल करता है और बीमित व्यक्ति की मृत्यु के मामले में बीमा कंपनी नॉमिनी को वित्तीय सहायता देती है।

निस्संदेह, बीमाकृत व्यक्ति का परिवार असहनीय दर्द से पीड़ित होता है जब वे अपने प्रियजन को खो देता हैं लेकिन आर्थिक तंगीया परिवार के सदस्यों के जीवन को और भी कठिन बना देती है। इसलिए, एक स्वास्थ्य बीमा या जीवन बीमा एक व्यक्ति को मन की शांति देता है कि उसके परिवार को उसकी मृत्यु पर वित्तीय संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

हम सभी को स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदनी चाहिए लेकिन पॉलिसी खरीदने से पहले आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए कि आपकी हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी क्या कवर करती है और क्या नहीं। आमतौर पर ऐसा होता है कि जो लोग बिना पढ़े पॉलिसी खरीद लेते हैं उनको जरूरत के वक्त दावा नहीं मिलता जिससे वह हताश हो जाते हैं और उनको लगता है कि उन्होंने अपने पैसे बर्बाद किए।

ऐसी कई चिकित्सीय स्थितियां (जैसे कि बहिष्करण, प्रतीक्षा अवधि) हैं जिनके अंतर्गत आपकी बीमा कंपनी आपको कोई दावा नहीं देती (पढ़ें: स्वास्थ्य बीमा बहिष्करण: चिकित्सा शर्तें मेडिक्लेम पॉलिसी कवर नहीं होती हैं)।

इस पोस्ट में हम एक सही पॉलिसी खरीदने के लिए हेल्थ इन्शुरन्स टिप्स (Health Insurance tips)बताएंगे। यहां हम आपको 12 चरण बताएंगे जिनका आपको पालन करना चाहिए एक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदते वक्त जैसे कि यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि आपकी पॉलिसी में क्या कवर होता है और क्या नहीं।

हम सेहत बीमा पॉलिसी चुनने से पहले विचार करने के लिए प्रमुख कारकों को हाइलाइट कर रहे हैं। आप जानते होंगे कि बीमा बाजार में कई प्रकार के स्वास्थ्य बीमा मौजूद हैं तो इसीलिए नीचे दिए गए हेल्थ इन्शुरन्स टिप्स पर गौर करके एक अच्छी पॉलिसी चुनी जा सकती है।

हेल्थ इन्शुरन्स टिप्स – सही हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी खरीदने के लिए इन चरणों का करें पालन

स्वास्थ्य बीमा सही हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी खरीदने के लिए इन चरणों का करें पालन

1. अपनी स्वास्थ्य बीमा आवश्यकताओं को पहचानें

हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी की जरूरत हर किसी की अलग-अलग होती है। उदाहरण के लिए जो व्यक्ति अक्सर यात्रा करता है उसे यात्रा स्वास्थ्य बीमा की आवश्यकता हो सकती है, वरिष्ठ नागरिकों को गंभीर बीमारी स्वास्थ्य बीमा की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि उस समय ज्यादातर लोगों को अधिक चिकित्सा सुविधाएं की आवश्यकता होती है, जो व्यक्ति एक अच्छी जीवनशैली जीता है उसके लिए आपातकालीन स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए हॉस्पिटलाइजेशन पॉलिसी ही पर्याप्त होती है।

आपको कौन सी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदनी चाहिए, वह आपकी वित्तीय स्थितियों और जीवन में आपके चरण पर निर्भर करती है। निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दें यह जानने के लिए कि किस प्रकार की मेडिक्लेम पॉलिसी मेरे लिए बेहतर है।

  • सोचे कि आपके लिए कितना हेल्थ इन्शुरन्स कवर सही होगा? ध्यान रखें: अधिकतम कवर खरीदने से हॉस्पिटल के खर्चे भरने में आसानी होती है लेकिन इससे आपको प्रीमियम भी ज्यादा देना पड़ता है। इसीलिए अपने लिए पर्याप्त कवर ले जो कि ना ज्यादा हो ना कम।
  • मुझे कवरेज कितनी देर तक का लेना चाहिए? टिप: अपनी वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुसार स्वास्थ्य बीमा योजना की अवधि तय करें।
  • मेरा बजट क्या है? टिप: अपने बजट में रहकर हेल्थ इन्शुरन्स कवर चुने उतना प्रीमियम ले जितना आप आसानी से भर पाए।
  • क्या मैं अपने लिए हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी लू या सारे परिवार के लिए? टिप: अगर आपका परिवार आप पर निर्भर करता है तो आपको पूरे परिवार के लिए कवर खरीदना चाहिए।

2. स्वास्थ्य बीमा के प्रकार

एक बार उपरोक्त प्रश्नों के उत्तर मिल जाने पर अगला कदम यह तय करना है कि कौन-सी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी आपकी आवश्यकताओं को पूरा करती है। वर्तमान में, बीमा बाजार में कई मेडिक्लेम पॉलिसी मौजूद हैं। इसलिए, यह समझना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि, “कितनी तरह की स्वास्थ्य बीमा योजनाएं होती है?” यह कारक आपको यह चुनने में मदद करता है कि कौन-सी पॉलिसी आपके लिए उपयुक्त है।

असल में, भारत में मुख्य रूप से तीन प्रकार की स्वास्थ्य पॉलिसियां ​​हैं; हॉस्पिटलाइजेशन हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी, डेली कैश बोनस पॉलिसी, और क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी। लेकिन वर्तमान परिदृश्य में, ग्राहकों के अनुसार बीमा कंपनियों ने कई स्वास्थ्य बीमा उत्पादों को लॉन्च किया है।

एक अलग पोस्ट में हमने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की है हेल्थ इन्शुरन्स खरीदने से पहले आपको उस पोस्ट को जरूर पढ़ना चाहिए।

3. हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी क्या कवर करती है और क्या नहीं?

एक बार जब आप सभी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक योजना को चुन लेते हैं तो अगला कदम होता है यह देखना कि आपकी हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी में क्या शामिल है। पॉलिसी खरीदने से पहले अपनी बीमा कंपनी से या अपने इन्शुरन्स एजेंट से पॉलिसी से संबंधित डॉक्युमेंट देने को कहें और अपनी पॉलिसी से संबंधित सभी नियमों और शर्तों को सावधानी से पढ़ें।

इस तरह, आप यह तय कर सकते हैं कि आपको अतिरिक्त कवर खरीदने की ज़रूरत है या नहीं, जिन्हें राइडर्स के रूप में जाना जाता है।

अगर किसी की मेडिक्लेम पॉलिसी कोई दुर्घटना या बीमारी के लिए कवर प्रदान नहीं करती है तो पॉलिसी धारक अलग से राइडर खरीद सकता है जिससे वह उस दुर्घटना या बीमारी के लिए कवर ले सकता है। राइडर बहुत सस्ते होते हैं इसीलिए हो सके तो इन्हें अपनी हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी में ऐड करना चाहिए।

यह उल्लेखनीय है कि बीमा कंपनियां अपने पॉलिसी नियमों का सख्ती से पालन करती हैं इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले यह देख ले कि जिस वजह से आप पॉलिसी खरीद रहे हो क्या वह वजह आपकी पॉलिसी में कवर होती है या नहीं।

अगर नहीं होती है तो बीमा कंपनी उसके लिए कोई दवा नहीं देगी। अपने एजेंट की कही बातों में से कुछ भी मत मानो खुद अपनी पॉलिसी को पढ़े।

यदि आपकी पॉलिसी में चिकित्सा स्थिति/आपातकाल की कोई घटना का उल्लेख नहीं किया गया है तो इसका अर्थ है कि आपकी पॉलिसी उस घटना को कवर नहीं करती है। मारे एक अलग पोस्ट में हमने कुछ गलतियां बताई है जो कि बीमा खरीदने खरीदते वक्त ज्यादातर लोग करते हैं।

विभिन्न बीमाकर्ता विभिन्न लाभ प्रदान करते हैं इसलिए यदि एक बीमा कंपनी आपके बजट में आपकी बीमा आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर रही है तो आप अपनी हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी किसी और कंपनी से खरीद सकते हैं जो आपकी बीमा जरूरतों को पूरा करती हो।

4. बहिष्करण (Exclusions)

बहिष्कार शब्द का उपयोग मेडिक्लेम पॉलिसी में तब किया जाता है जब किसी आपातकालीन स्थिति को उसमें कवर ना किया जाए। साधारण भाषा में स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में जो कवर नहीं किया जाता है उसको बहिष्करण (Exclusions) कहा जाता है। ऐसी कई प्रकार की चिकित्सीय स्थितियां हैं जो आपकी हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी द्वारा कवर नहीं की जाती।

इसलिए आपके लिए सावधानीपूर्वक पढ़ना अच्छा होगा कि आपकी पॉलिसी में कौन-कौन सी स्थितियों में कवर नहीं मिलेगा?

कुछ बहिष्करण हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी लेने के बाद कुछ समय तक लागू रहते हैं और कुछ हमेशा के लिए होते हैं यहां हमने विस्तार से बात की है कि कौन-सी मेडिकल स्थितियां स्वास्थ्य बीमा में कवर की जाती है और कौन सी नहीं।

हेल्थ इन्शुरन्स टिप्स

5. डिडक्टिबल (Deductibles)

डिडक्टिबल वह राशि है जो आप चिकित्सा खर्चे के लिए भुगतान करते हैं इससे पहले कि आपका बीमाकर्ता आपकी दावा राशि दे।

उदाहरण के लिए मान लें कि जॉन ने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदी है जिसमें 30% डिडक्टिबल लागू होता है और उसे अस्पताल के खर्चों के लिए 1 लाख का भुगतान करना है (मान लीजिए कि उसे चोट लगने या बीमारी में अस्पताल में भर्ती कराया गया है)। उस परिदृश्य में, बीमा कंपनी अस्पताल के एक लाख रुपए के बिल में से 30% डिडक्टिबल काट कर जॉन को 70 हजार का दावा दे देगी बाकी के बचे ₹30000 जॉन को अपनी जेब से भरने पड़ेंगे। यहां पर ध्यान देने योग्य है कि कुछ हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी में डिडक्टिबल नहीं होते हैं और कुछ में होते हैं।

उस परिदृश्य में, बीमा कंपनी अस्पताल के एक लाख रुपए के बिल में से 30% डिडक्टिबल काट कर जॉन को 70 हजार का दावा दे देगी बाकी के बचे ₹30000 जॉन को अपनी जेब से भरने पड़ेंगे। यहां पर ध्यान देने योग्य है कि कुछ पॉलिसी में डिडक्टिबल नहीं होते हैं और कुछ में होते हैं।

हमेशा याद रखें, आप कम डिडक्टिबल के लिए उच्च प्रीमियम का भुगतान करते है और आप उच्च डिडक्टिबल के लिए कम प्रीमियम का भुगतान करते हैं। पॉलिसी लेने से पहले देखें कि आपकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में डिडक्टिबल का प्रतिशत क्या है?

6. अस्पतालों और डॉक्टर नेटवर्क

आपकी स्वास्थ्य बीमा कंपनी आपको अपने स्वास्थ्य बीमा नेटवर्क में नगदी-रहित (cashless) उपचार के लिए डॉक्टरों और अस्पतालों की एक सूची प्रदान करती है। इसलिए, यह देखना हमेशा अच्छा होता है कि आपका डॉक्टर आपके स्वास्थ्य योजना के नेटवर्क में सूचीबद्ध है?

यदि आपका डॉक्टर सूचीबद्ध नहीं है (आप अपने चिकित्सक से अपने योजना के नेटवर्क में शामिल होने का अनुरोध कर सकते हैं) तो आपके पास अपने नेटवर्क से डॉक्टर या अस्पताल चुनने का एक विकल्प बच जाता है।

यदि आप कैशलैस हॉस्पिटल नहीं चुनते हैं तो आपको अपनी खुद की जेब से अस्पताल के खर्चे का भुगतान करना पड़ता है और बाद में आप दावा पेश करके क्लेम ले सकते हैं।

यदि आपका डॉक्टर पॉलिसी में मौजूद डॉक्टरों के नेटवर्क में सूचीबद्ध नहीं है तो यह भी देखें कि क्या आपकी नीति आपको अपना प्राथमिक देखभाल चिकित्सक (पीसीपी) चुनने की अनुमति देती है या नहीं? इसके अलावा बीमा कंपनियां सभी प्रकार की दवाओं के लिए कवरेज प्रदान नहीं करती हैं।

इसलिए, अपने बीमाकर्ता द्वारा प्रदान की जाने वाली दवाओं की सूची देखें। सूची से बाहर की दवाइयों के लिए क्लेम नहीं दिया जाता।

टिप: ऐसी हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी ले जिसमें आपके नजदीक के अस्पताल कैशलेस सुविधा के लिए शामिल हो इससे जरूरत पड़ने पर आप कैशलेस सुविधा के माध्यम से इलाज करवा सकेंगे।

7. हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी मुझे कितनी देर तक कवर करेगी?

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी 6 महीने, एक साल, दो साल और अधिक के लिए कवर प्रदान करती है। तो यह देखना आपके लिए अच्छा होगा कि हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी आपको कितनी देर तक कवर दे रही है?

8. अपने नियोक्ता की स्वास्थ्य योजना से मिलने वाले लाभ देखें

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अनुसार, कुछ संगठनों के कर्मचारियों को कुछ चिकित्सीय स्थितियों ( मातृत्व, बीमारी, अस्थायी या स्थायी अक्षमता, मृत्यु, कर्मचारी और उसके परिवार के सदस्यों के लिए चिकित्सा देखभाल आदि) के लिए कवरेज मिलता है।

यदि आप कर्मचारी हैं और आपको अपने एंपलॉयर के द्वारा स्वास्थ्य बीमा मिला हुआ है तो देखें कि आप अपने नियोक्ता के पक्ष से किस प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं?

यह भी बहुत महत्वपूर्ण कारक है क्योंकि अगर आपको अपने एंपलॉयर की तरफ से स्वास्थ्य बीमा मिला हुआ है तो एक नई हेल्थ पॉलिसी खरीदना आपके लिए लाभकारी नहीं होगा।

9. ऐडऑन (Add-ons)

ग्राहकों को लुभाने के लिए, कुछ स्वास्थ्य बीमा कंपनियां अतिरिक्त लाभ देती हैं जैसे कि जिम छूट, मुफ्त आवधिक चेक-अप, मुफ्त दंत चिकित्सा देखभाल और दृष्टि देखभाल आदि। यदि आपकी नीति आपको इस तरह के लाभ प्रदान करती है तो उनसे लाभ लेने में कुछ भी गलत नहीं है।

जब भी हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी खरीद रहे हो तो अपने एजेंट से या अपनी बीमा कंपनी से पूछे कि आपको पॉलिसी खरीदने पर किस तरह का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

मुझे अभी भी याद है कि जब मैंने पहली बार सेहत बीमा खरीदा था तो मेरे बीमा एजेंट ने जब यह पाया कि मैं पॉलिसी खरीदने के लिए तैयार नहीं हूं तो उसने मुझे डेंटल इन्शुरन्स पॉलिसी मुफ्त में देने की पेशकश की थी तो मैंने उससे वह पॉलिसी खरीद ली।

आप भी ऐसा कर सकते हैं अपने इन्शुरन्स एजेंट को जताएं कि आपकी पॉलिसी लेने में दिलचस्पी नहीं है लेकिन अतिरिक्त लाभ मिलने पर शायद आप पॉलिसी खरीद ले।

10. तुलना करें

आजकल, बीमा उद्योग दुनिया भर में बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ग्राहकों को विभिन्न बीमा कंपनियों से आकर्षक ऑफर मिल रहे हैं। तुलना की सहायता से, आप बहुत सस्ते दरों पर हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी पा सकते हैं। इंटरनेट पर कई बीमा तुलना वेबसाइट मौजूद हैं उनका उपयोग करें और अपने रुपये बचाओ।

किसी बीमा एजेंट से पॉलिसी खरीदने से पहले पॉलिसी का ऑनलाइन मूल्य चेक करें और जहां से आपको पॉलिसी सस्ती मिल रही हो वहीं से खरीदें। (लेकिन मिलने वाले लाभों को भी ध्यान में रखें)।

11. विशेषज्ञ की सलाह

हालांकि आप स्वास्थ्य योजना खरीदने से पहले हर महत्वपूर्ण कदम का पालन कर रहे हैं। लेकिन आप विशेषज्ञ स्तर हासिल नहीं कर सकते क्योंकि वे लंबे समय से इस पेशे में होते हैं और वे एक आम व्यक्ति की तुलना में ग्राहकों की जरूरतों को बेहतर समझते हैं।

तो अंतिम निर्णय लेने से पहले, विशेषज्ञ से सलाह लें। आप सलाह के लिए विभिन्न बीमा कंपनियों के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।

आमतौर पर, बीमा एजेंट कोई शुल्क नहीं लेते हैं लेकिन कुछ फाइनेंशियल एडवाइजर सलाह मशवरे के पैसे लेते हैं और वह जायज भी होता है क्योंकि वह आपको एक महत्वपूर्ण निवेश के लिए सलाह देते हैं।

12. अच्छी नहीं लगी तो पॉलिसी वापस करें

एक बीमाकर्ता को आपके स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी अनुरोध को अस्वीकार करने का अधिकार है; जब आप इसके लिए आवेदन करते हैं (प्रस्ताव प्रपत्र के आधार पर)। इसी तरह, एक बार जब बीमा कंपनी आपके आवेदन को मंजूरी दे देती है तो उसके बाद अगर आप अपने बीमाकर्ता की सेवाओं से संतुष्ट नहीं हैं तो आपके स्वास्थ्य बीमा अनुबंध को समाप्त करने के लिए आपके पास 15 दिन का समय होता है।

यदि आप अपनी हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी जारी रखने से इनकार करते हैं तो बीमा अधिनियम के अनुसार प्रीमियम भुगतान आपको वापस कर दिया जाएगा। इस अवधि को बीमा की भाषा में कूलिंग-ऑफ-पीरियड कहां जाता है।

कूलिंग-ऑफ-पीरियड के दौरान पॉलिसी धारक अपनी पॉलिसी वापस करके अपने प्रीमियम के पैसे वापस ले सकता है लेकिन बीमा कंपनी जितने दिन तक कवर दिया गया है उसके पैसे काट सकती है।

निष्कर्ष:

यह स्पष्ट है कि कोई भी बीमा पॉलिसी खरीदना नहीं चाहता है लेकिन यह बहुत जरूरी है। आपने अपने आसपास यह देखा होगा कि जब कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो हॉस्पिटल में उसके इलाज के लिए कितने पैसे खर्चने पड़ते हैं। उससे उसका परिवार कितने आर्थिक बोझ में आ जाता है।

लेकिन अगर ऐसे लोगों के पास मेडिक्लेम पॉलिसी हो तो उन्हें आर्थिक मंदी का सामना नहीं करना पड़ता और परिवार के सदस्य का इलाज भी अच्छे हॉस्पिटल में करवाया जा सकता है।

हम हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी के मूल्य को नहीं समझते हैं जब तक हमें दावा दायर करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उपरोक्त हेल्थ इन्शुरन्स टिप्स आपको अपने लिए सही हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी चुनने में मदद करेंगे फिर भी और शोध आपको एक बीमा एजेंट बना सकते हैं (सिर्फ मजाक!)।

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